रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।। हे गौरी शंकरार्धांगिं! यथा त्वं शंकरप्रिया। मंत्र: श्री राम नाम खेलो अकन कबीरी। सुनिये नारी बात हमारी। एक पान संग मंगाय। एक पान सेज सौं लावैं मक पान मुख बुलावै। हमको छोड़ और को देखें तो तेरा कलेजा मुहम्मद वीर चरखें। Retain https://indiandevotional77451.like-blogs.com/33601899/top-world-famous-vashikaran-expert-goldie-madan-secrets